Vegetable Farming: भारत में सब्जियों की खेती एक लाभदायक व्यवसाय मानी जाती रही है. मशीनीकरण और नई तकनीकों ने सब्जी की खेती में क्रांति ला दी है, सब्जी की खेती में होने वाली सभी कार्य लगभग मशीनो द्वारा हो किये जाते है. जिससे कार्यक्षमता में बृद्धि होने के साथ उत्पादन पर भी बढ़ता है. आमतौर पर खेती में नए तरीके जैसे एक्वापोनिक्स, रेज्ड-बेड गार्डनिंग रेज्ड बेड और ग्लास अंडर कल्टीवेशन का इस्तेमाल किया जाता है. इन नई तकनीकों की वजह से किसान अपनी फसल को अच्छे दामों पर बेच सकते है. आपको बात दें, भारत सब्जियों का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है. आइए अब हम भारत में सब्जी की खेती की प्रक्रिया, विधियों पर नजर डालते हैं
Top Most Profitable Vegetable Farming
सब्जी उत्पादन के लिए फसल चक्र (Crop Rotation in Vegetable Production)
- फसल उत्पादन में फसल चक्र (crop rotation) महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. फसल रोटेशन प्रक्रिया से मिटटी में पोषक तत्वों को बनाये रखने के साथ मिटटी कटाव और पौधों की बीमारियों और कीटों को रोकने में मदद करती है.
- फसल रोटेशन का सिद्धांत हर साल सब्जी के भूखंड के एक अलग हिस्से पर कुछ सब्जियों के विशिष्ट समूहों को उगाना है. फसल चक्र (crop rotation) फसल-विशिष्ट कीट और रोग की समस्याओं के निर्माण को कम करने में मदद करता है
- कोई सार्वभौमिक रूप से स्वीकृत रोटेशन नहीं है क्योंकि किसी विशेष खेत में पौधों के प्रकार स्थानीय मिट्टी, जलवायु और उपलब्ध संसाधनों पर निर्भर करते हैं
भारत में सब्जी की खेती का महत्व (Importance of vegetable farming in India:)
सब्जी उत्पादन के कुछ महत्व नीचे दिए जाएंगे
- मानव पोषण के लिए सब्जी उत्पादन का बहुत महत्व है
- सब्जियां कृषि आय को एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्रोत हैं
- सब्जियों का सौंदर्य मूल्य होता है
- औषधीय प्रयोजन के लिए सब्जी उत्पादन का उपयोग करें
- राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में सब्जियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है.
सब्जी की खेती के लिए प्रमुख कारक
- सब्जी उत्पादन के लिए जलवायु, विशिष्ट क्षेत्र का तापमान, नमी, दिन का प्रकाश और हवा आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है. ये सभी वनस्पति पौधों के विकास के सभी चरणों और प्रक्रियाओं को दृढ़ता विकास करने में सहायक होते हैं
- सब्जी की खेती के लिए मिट्टी, जलवायु आदि के अलावा तकनिकी, मशीनीकरण, पर्याप्त जल आपूर्ति और परिवहन सुविधाएं आवश्यक हैं
- सब्जी उगाने के लिए मिट्टी की तैयारी करने के साथ खेत में उचित जल निकासी की व्यवस्था आवशयक मानी जाती है
- सब्जियों के पौधों पर फूल आने और फल लगने के लिए एक विशिष्ट तापमान और अन्य जलवायु परिस्थितियों की आवश्यकता होती है.
- अधिकांश सब्जी फसलों को उस क्षेत्र में लगाया जाता है जहां उन्हें परिपक्वता तक उत्पादन करना होता है. कुछ किस्मों की पौध बनाई जाती है जिनको ग्रीनहाउस या खुले में स्थापित किया जाता है
- खेत में उगाई जाने वाली सब्जियों की फसल के लिए उचित मात्रा में सिंचाई, उर्वरकों का अनुप्रयोग, खरपतवारों, रोगों और कीड़ों का नियंत्रण, ठंढ से सुरक्षा आदि का आवश्यक प्रवध होना चाहिए.
भारत में उगाई जाने वाली विभिन्न प्रकार की सब्जियों की फसलें
- पत्तेदार सब्जियां
- फल सब्जियां
- जड़ वाली सब्जियां
- बल्ब सब्जियां
- फूलों की सब्जियां